ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहीं

ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहींहै अपना ये त्यौहार नहींहै अपनी ये तो रीत नहींहै अपना ये व्यवहार नहीं धरा ठिठुरती है शीत सेआकाश में कोहरा गहरा… Read more “ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहीं”