तेरी याद मुझे क्यों सताती है

तेरी याद मुझे क्यों सताती है तन्हाई में क्यों रुलाती है जब जब मिलते है हम पता नहीं क्या आखो से वो पिलाती है उसका नशा जैसे… Read more “तेरी याद मुझे क्यों सताती है”

सोच रहा हूँ कोई कविता गाऊँ – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

समय पर जब यह समय मिला  उनके लिए ही यह गीत बुना मुलाकात जब उनसे हुई  मानो बंजारे को घर मिला देखा उनको जब आज के दिन… Read more “सोच रहा हूँ कोई कविता गाऊँ – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”