कोरोना पर कुछ दोहे द्वारा सरिता कोहिनूर

कोरोना की फैलती,बीमारी घर द्वार।महमारी भारी हुई,कहता अब संसार।। काल भंयकर आ गया,भज लो प्रभू का नाम।कोरोना का हो गया,विश्व बड़ा अब धाम।। छूने से यह फैलता,खाँसी… Read more “कोरोना पर कुछ दोहे द्वारा सरिता कोहिनूर”