मेकडोनाल्ड : 16 दिन पुराने तेल में पका रहे आलू-टिक्की, फ्रेंच फ्राइज

मेकडोनाल्ड : मुनाफे के िलए भरोसा तोड़ा   16 दिन पुराने तेल में पका रहे थे आलू-टिक्की, फ्रेंच फ्राइज  काला और गाढ़ा तेल मिला, 2 सैंपल लिए,… Read more “मेकडोनाल्ड : 16 दिन पुराने तेल में पका रहे आलू-टिक्की, फ्रेंच फ्राइज”

संगीत प्रतियोगिता ‘सुरतरंग’ का होगा आयोजन

जयपुर, संगम कला ग्रुप 31 मई को राज्यस्त्रीय संगीत प्रतियोगिता ‘सुरतरंग’ का आयोजन करेगी। इसे लेकर एक बैठक जयपुर स्थित कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता जय… Read more “संगीत प्रतियोगिता ‘सुरतरंग’ का होगा आयोजन”

महात्मा गांधी और भारतरत्न पं. लालबहादुर शास्त्री को नमन।

आप मेरे ब्लाग पर पधारें व अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें, और ब्लॉग पसंद आवे तो कृपया उसे अपना समर्थन भी अवश्य प्रदान… Read more “महात्मा गांधी और भारतरत्न पं. लालबहादुर शास्त्री को नमन।”

नज़र निल्को की – तेरी नज़दीक वाली दूरिया

तेरी नज़दीक वाली दूरिया लगती है जैसे गोलिया तेरी हर अदा कुछ ख़ास नहीं पर सहती है हर एक बोलिया उसका बनना और सवरना जैसे हो पानी… Read more “नज़र निल्को की – तेरी नज़दीक वाली दूरिया”

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई |

सभी देश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई  एवं शुभकामनायें आजकल हम लोगों के लिए 15 अगस्त एक छुट्टी मात्र ही तो रह गया है। इस… Read more “स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई |”

नेट न्यूट्रेलिटी बिना शर्त अमल हो |

नेट न्यूट्रेलिटी के बारे में दूरसंचार विभाग की बहु-प्रतीक्षित रिपोर्ट पर मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ताओं के नजरिए से गौर करें तो उसमें अच्छे और बुरे दोनों संकेत हैं।… Read more “नेट न्यूट्रेलिटी बिना शर्त अमल हो |”

2015 Scripps Spelling Bee Crowns Two Winners…Again

स्पेलिंग बी प्रतियोगिता – लगातार आठवीं बार भारतीय-अमेरिकी बच्चों ने जीती  भारतीय मूल के अमेरिकी बच्चों ने वार्षिक ‘स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी’ प्रतियोगिता में अपना वर्चस्व बरकरार… Read more “2015 Scripps Spelling Bee Crowns Two Winners…Again”

गीत ग़ज़ल हो या हो कविता – एम के पाण्डेय निल्को

गीत ग़ज़ल हो या हो कविता  नज़र है उस पर चोरो की  सेंध लगाये बैठे तैयार  कॉपी पेस्ट को मन बेक़रार  लिखे कोई और, पढ़े कोई और … Read more “गीत ग़ज़ल हो या हो कविता – एम के पाण्डेय निल्को”

तेरी याद मुझे क्यों सताती है

तेरी याद मुझे क्यों सताती है तन्हाई में क्यों रुलाती है जब जब मिलते है हम पता नहीं क्या आखो से वो पिलाती है उसका नशा जैसे… Read more “तेरी याद मुझे क्यों सताती है”