आज लिखने को कुछ नहीं – एम के पाण्डेय निल्को

सुना है तुम्हारे चाहने वाले बहुत हैं ये मोहब्बत की मिठाई सब में बांट देती हो क्या कई गिर चुके हैं तुम्हारे इश्क के मंजर में अंखियों… Read more “आज लिखने को कुछ नहीं – एम के पाण्डेय निल्को”

चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया

दिल हमारा जब तुम्हारी चाहतों से भर गया ।चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया ।। तेरी यादों में मेरे दिन रात कटते थे मगर।मेरी नजरों… Read more “चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया”

स्वच्छता अभियान पर दो टूक – ब्रजेश पाण्डेय

सबसे पहले देश के दो महान सपूत बापू और शास्त्री जी को नमन। बापू ने स्वछता के प्रति हमें जगाया तो शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान… Read more “स्वच्छता अभियान पर दो टूक – ब्रजेश पाण्डेय”

देख लैला तेरे मजनू का कलेजा क्या है ? – अनुज शुक्ला

देख लैला तेरे मजनू का कलेजा क्या है ?खाक में मिल कर भी कहता है , अभी बिगड़ा क्या है ?देख लैला तेरे मजनू का कलेजा क्या… Read more “देख लैला तेरे मजनू का कलेजा क्या है ? – अनुज शुक्ला”

क्या भारत धीरे-धीरे घुसपैठ से इस्लामी राष्ट्र में बदल जायेगा?

कुछ अटपटा लगा होगा पढ़ कर, पहली बार ऐसा कोई पोस्ट कर रहा हूँ । क्या है कि एक सर्वे किया , लोगो से यही सवाल पूछा… Read more “क्या भारत धीरे-धीरे घुसपैठ से इस्लामी राष्ट्र में बदल जायेगा?”

कुछ और हो गए तुम – सोनू जैन

शेर  से  शोर  हो   गये  हो  तुम,कितने कमज़ोर हो गये हो तुम। हमको  पहचानते  नहीं  साहब,आज कुछ ओर हो गये हो तुम। बात  करते  नहीं ख़ुदा  से… Read more “कुछ और हो गए तुम – सोनू जैन”

मुझ पर एहसान करती है – एम के पाण्डेय ‘निल्कों’

मुझ पर एहसान करती है ये कह कर बदनाम करती है किसी रोज पढ़ेगा कोई इन चन्द लाइनों को तो कोई कहेगा की तुमसे ही प्यार करती… Read more “मुझ पर एहसान करती है – एम के पाण्डेय ‘निल्कों’”

होंठ उसके जैसे गुलाब की पंखुड़िया

होंठ उसके चेहरे परकुछ यूँ नज़र आते हैजैसे कुछ गुलाब की पंखुड़ियापानी में नज़र आते है उसे देख कर तो कुछलड़के भी शरमाते हैनंबर लेना देना, आगे… Read more “होंठ उसके जैसे गुलाब की पंखुड़िया”

मुक्तक – जो भी तेरे पास आता है ।

जो भी तेरे पास आता हैवो तेरा ही हो जाता है तेरी उलझी सुलझी ये जुल्फ़ेमद मस्त होकर लहराता है–एम के पाण्डेय निल्को आपके अमूल्य सुझाव आमंत्रित… Read more “मुक्तक – जो भी तेरे पास आता है ।”

मन की बात – एम के पाण्डेय निल्को

हम में से ज्यादातर लोगों का कोई टाईम टेबल नहीं होता, जब मन किया पढने बैठ जाते हैं, जो मन किया किताब उठा लेते हैं और पढने… Read more “मन की बात – एम के पाण्डेय निल्को”

हिन्दी भाषा उस समुद्र जलराशि की तरह है ,जिसमें अनेक नदियाँ मिली हों।

भारत देश एक बहुभाषी राष्ट्र है। जहाँ अंग्रेजी जैसी विदेशी भाषा के अतिरिक्त अनेक प्रकार की भारतीय भाषाएँ , उपभाषाएँ , आंचलिक भाषाएँ , बोलियाँ ,उपबोलियाँ आदि बोली जाती हैं। इन भाषाओं में हिंदी एकता… Read more “हिन्दी भाषा उस समुद्र जलराशि की तरह है ,जिसमें अनेक नदियाँ मिली हों।”

आतंकियों का समर्थन करने वालों का विरोध करती मेरी नयी रचना

(आठ आतंकियों के एनकाउंटर के लिए पुलिस का समर्थन और आतंकियों का समर्थन करने वालों का विरोध करती मेरी नयी रचना)कवि – मयंक शर्मा (09302222285) खूब मनाई… Read more “आतंकियों का समर्थन करने वालों का विरोध करती मेरी नयी रचना”

आप सभी को नरक चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं।

चतुर्दश वार।मिला सुतवार।।बढे धन कीर्ति।रहे यश शांति।।                 गजानन हाँथ।                सदा उर साथ।।                कटे सब कष्ट।                रहे  प्रभु  दृष्ट।। प्रदीप सुपर्व।मिले अमरत्व।।प्रकाश अपार।प्रहर्ष हजार।।                  जले जब… Read more “आप सभी को नरक चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं।”

कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह "आग" की एक रचना

इन मीठे-मीठे पकवानों का किसको भोग लगाऊं मैं मेरे प्रभुजी हैं सीमा पर फ़िर कैसे खुशी मनाऊँ मैं दुश्मन की लंका जली नहीँ संहार अभी तक बाकी… Read more “कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह "आग" की एक रचना”

दीपक – मुक्तक

*****मैं   अँधेरों   से  लड़ा  हूँआँधियों से  भी खड़ा हूँतुच्छ मत कहना मुझे तूमोतियों  से  मैं  जड़ा हूं  !!!******************मुरारि पचलंगिया आपके अमूल्य सुझाव आमंत्रित है |