आज लिखने को कुछ नहीं – एम के पाण्डेय निल्को

सुना है तुम्हारे चाहने वाले बहुत हैं ये मोहब्बत की मिठाई सब में बांट देती हो क्या कई गिर चुके हैं तुम्हारे इश्क के मंजर में अंखियों… Read more “आज लिखने को कुछ नहीं – एम के पाण्डेय निल्को”

चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया

दिल हमारा जब तुम्हारी चाहतों से भर गया ।चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया ।। तेरी यादों में मेरे दिन रात कटते थे मगर।मेरी नजरों… Read more “चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया”

अभिव्यक्ति की आज़ादी पर उन्होंने लगा ही दिया बैन

अभिव्यक्ति की आज़ादीपर लगा कर बैनआ ही रहा होगाउनके दिल को चैनबोलने पर उन्होंनेभले लगाई पाबन्दी हैपर ‘निल्को’ हम तोलिखने के भी आदी हैइतनी आसानी से नहीं… Read more “अभिव्यक्ति की आज़ादी पर उन्होंने लगा ही दिया बैन”

दिल में कोई प्रेम रतन धन रख लिया

दिल में कोई प्रेम रतन धन रख लियाउनके लिए भी लिख, उनका भी मन रख दियापर ऐसी नज़रो से घूरते है वो मुझकोकी ‘नज़र निल्को की’ मैंने… Read more “दिल में कोई प्रेम रतन धन रख लिया”