चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया

दिल हमारा जब तुम्हारी चाहतों से भर गया ।चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया ।। तेरी यादों में मेरे दिन रात कटते थे मगर।मेरी नजरों… Read more “चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया”

आप सभी को नरक चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं।

चतुर्दश वार।मिला सुतवार।।बढे धन कीर्ति।रहे यश शांति।।                 गजानन हाँथ।                सदा उर साथ।।                कटे सब कष्ट।                रहे  प्रभु  दृष्ट।। प्रदीप सुपर्व।मिले अमरत्व।।प्रकाश अपार।प्रहर्ष हजार।।                  जले जब… Read more “आप सभी को नरक चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं।”

दीपक – मुक्तक

*****मैं   अँधेरों   से  लड़ा  हूँआँधियों से  भी खड़ा हूँतुच्छ मत कहना मुझे तूमोतियों  से  मैं  जड़ा हूं  !!!******************मुरारि पचलंगिया आपके अमूल्य सुझाव आमंत्रित है |

निल्को का ये उद्दघोष है

आप के समक्ष प्रस्तुत है ‘उद्दघोष’ पर एम के पाण्डेय निल्को का एक प्रयास*****************************मैंने खोया अब होश है देखोगो अब वो मेरा जोश हैबंद करो इन सापो… Read more “निल्को का ये उद्दघोष है”

मुक्तक विषय : आवारगी

मेरी ताज़ा मुक्तक विषय : आवारगी आवारगी होता क्या हैमेरी तरफ देख तेरा जाता क्या हैतुझे देख कर दिल डोले और बोलेमेरी बनने में तुझे होता क्या… Read more “मुक्तक विषय : आवारगी”

अभिव्यक्ति की आज़ादी पर उन्होंने लगा ही दिया बैन

अभिव्यक्ति की आज़ादीपर लगा कर बैनआ ही रहा होगाउनके दिल को चैनबोलने पर उन्होंनेभले लगाई पाबन्दी हैपर ‘निल्को’ हम तोलिखने के भी आदी हैइतनी आसानी से नहीं… Read more “अभिव्यक्ति की आज़ादी पर उन्होंने लगा ही दिया बैन”

दिल में कोई प्रेम रतन धन रख लिया

दिल में कोई प्रेम रतन धन रख लियाउनके लिए भी लिख, उनका भी मन रख दियापर ऐसी नज़रो से घूरते है वो मुझकोकी ‘नज़र निल्को की’ मैंने… Read more “दिल में कोई प्रेम रतन धन रख लिया”