गाछे कटहर, ओठे तेल…… पांव लागीं ए मलिकार…

एन. डी. देहाती मन अगराइल जहिया हमरा पाती के जवाब राउर आइल। गदेलवा के बड़का बेटवा सांझि के बाजार से लौटल त राउर चिट्ठी हमरा के दिहलस।… Read more “गाछे कटहर, ओठे तेल…… पांव लागीं ए मलिकार…”