आज लिखने को कुछ नहीं – एम के पाण्डेय निल्को

सुना है तुम्हारे चाहने वाले बहुत हैं ये मोहब्बत की मिठाई सब में बांट देती हो क्या कई गिर चुके हैं तुम्हारे इश्क के मंजर में अंखियों… Read more “आज लिखने को कुछ नहीं – एम के पाण्डेय निल्को”

पराया हमें वो बताने लगे हैं

इशारे से सब कुछ जताने लगे हैंमुझे अपना अब वो बनाने लगे हैं। उठाया है मैने जिन्हें ज़िन्दगी भर,वही आज मुझको गिराने लगे हैं। बताते थे ख़ुद… Read more “पराया हमें वो बताने लगे हैं”