ट्रैफिक सिग्नल पर भारत के कर्णधार

एक लावारिश बिना मां-बाप का बच्चा क्या खुद ही भिखारी बनने का फैसला कर लेता है? बिना किसी छत के भूखे पेट खुले आसमान के नीचे गुजारने… Read more “ट्रैफिक सिग्नल पर भारत के कर्णधार”

आलू पर कविता नहीं होता

कृपया ध्यान दे …! मधुलेश पाण्डेय “निल्को” की यह एक वयंगात्मक रचना है, इसका उद्देशय किसी तो ठेस पहुचाना बिलकुल नहीं है। ये कविता पढ़ना माना एक जुर्म है, पर… Read more “आलू पर कविता नहीं होता”

पुण्य और परिवर्तन का पर्व – मकर सक्रांति

मकर संक्रांति अनेकता में एकता का पर्व मकर सक्रांति के दिन भगवान् भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं चूंकि शनि देव मकर… Read more “पुण्य और परिवर्तन का पर्व – मकर सक्रांति”

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है (डॉ कुमार विश्वास – Dr Kumar Vishwas)

https://youtube.googleapis.com/v/eLVCyNgr0wQ&source=uds कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता हैमगर धरती की बेचैनी को, बस बादल समझता हैमैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी हैये तेरा दिल समझता… Read more “कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है (डॉ कुमार विश्वास – Dr Kumar Vishwas)”

भाइयो तुम्हारी याद आती है

दुनिया की हर ख़ुशी मेरे पास बहुत हैं.आज फिर भी मेरा दिल उदास बहुत हैं.कुछ भी कर लु अकेलापन जाता नहींजबकि मेरे आसपास मेरे खास बहुत हैं… Read more “भाइयो तुम्हारी याद आती है”

VMW Team और भूतो की हवेली भानगढ़ किला

हममें से कितने लोग भूतों में विश्वास करते हैं? क्या भूत वाकई में होते हैं? क्या भूतों को देखा जा सकता है? भूतों को मानने वाले तो… Read more “VMW Team और भूतो की हवेली भानगढ़ किला”

भारत की लोक कथा – चिड़िया की दाल

एक थी चिड़िया चूं-चूं। एक दिन उसे कहीं से दाल का एक दाना मिला। वह गई चक्की के पास और दाना दलने को कहा। कहते-कहते ही वह… Read more “भारत की लोक कथा – चिड़िया की दाल”