ज़िंदगी तेरे नख़रे भी हजार है

ज़िंदगी तेरे नख़रे भी हजार है  क्यों तुम्हे दर्द से इतना प्यार है  कलम लिखने को बहुत बेक़रार है  क्योंकि इश्क खुद ही आज बीमार है  ज़िंदगी… Read more “ज़िंदगी तेरे नख़रे भी हजार है”

प्रकृति की विशेषता : एम के पाण्डेय निल्को

इस पूरे ब्रह्माण्ड में सिर्फ एक ही जगह ऐसी है जहाँ जीवन है और जहाँ चारो ओर हरियाली रहती है और इस हरियाली से यह धरती बहुत… Read more “प्रकृति की विशेषता : एम के पाण्डेय निल्को”