शौक रहा दिल को उनके गुलाब लिखने का

“शौक रहा दिल को उनके गुलाब लिखने काबेदम से गुलशन में बेबस शबाब लिखने का “लकड़ियाँ चुन लाये मन की अलाव जलानेफिर भी न मिटा खुमार किताब… Read more “शौक रहा दिल को उनके गुलाब लिखने का”

रातों के आईने को, मेरा सलाम करना

तेरे प्यार के महल में, वादे तमाम करना हो जाऊँ कैद उसमे ,कुछ इंतजाम करना धड़कन की हो दीवारें,साँसों की हो कतारेंसो जाऊं मैं सुकूँ से,दिले-एहतिमाम करना                                  … Read more “रातों के आईने को, मेरा सलाम करना”

मैं कौन हूँ ……TRIPURENDRA OJHA NISHAAN

कैसे मै कहूं मै कौन हूँ ,बस यूँ समझ लो मिल जाय मुझे गंगा तो सागर हूँ वरना अविरल बहता पानी हूँ,स्वीकार करे समाज तो एक अनमोल रिश्ता हूँ… Read more “मैं कौन हूँ ……TRIPURENDRA OJHA NISHAAN”