आलू पर कविता नहीं होता

कृपया ध्यान दे …! मधुलेश पाण्डेय “निल्को” की यह एक वयंगात्मक रचना है, इसका उद्देशय किसी तो ठेस पहुचाना बिलकुल नहीं है। ये कविता पढ़ना माना एक जुर्म है, पर… Read more “आलू पर कविता नहीं होता”

ब्राह्मण है एक परंतु सरनेम अलग क्यों ?

मेरे एक मित्र ने मुझसे प्रश्न किया कि ब्राह्मणतो एक ही है परंतु कोई तिवारी है कोईदुबे है कोई शुक्ला पाठक चौबे आदि अलग – अलग नाम… Read more “ब्राह्मण है एक परंतु सरनेम अलग क्यों ?”

ये चन्द लाइने लिखने से क्या फ़ायदा- एम के पाण्डेय ‘निल्को’

‘ए दोस्त’ ज़रा मुझ पर रहमत की नज़र रखना मै भी तुंहरा ही हूँ इसकी तो खबर रखना  मुझ जैसे डूबने वालों को अब तेरा सहारा है… Read more “ये चन्द लाइने लिखने से क्या फ़ायदा- एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

जय हो मंगलमय हो ।

“प्रभु “कहते” “है” “होती” “आरती”, “बजते “शंख”                                 .     “पूजा” “में” “सब” “खोए” “है”❗ “मंदिर” “के” “बाहर” “तो” “देखो”,           “भूखे” “बच्चे ” “सोए” “है “❗ “एक” “निवाला”… Read more “जय हो मंगलमय हो ।”

शिक्षा , शिक्षार्थी, शिक्षक और शिक्षा व्यवस्था

किसी भी राष्ट्र का आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विकास उस देश की शिक्षा पर निर्भर करता है। शिक्षा के अनेक आयाम हैं, जो राष्ट्रीय विकास में शिक्षा के… Read more “शिक्षा , शिक्षार्थी, शिक्षक और शिक्षा व्यवस्था”

नज़र निल्को की – तेरी नज़दीक वाली दूरिया

तेरी नज़दीक वाली दूरिया लगती है जैसे गोलिया तेरी हर अदा कुछ ख़ास नहीं पर सहती है हर एक बोलिया उसका बनना और सवरना जैसे हो पानी… Read more “नज़र निल्को की – तेरी नज़दीक वाली दूरिया”

गीत ग़ज़ल हो या हो कविता – एम के पाण्डेय निल्को

गीत ग़ज़ल हो या हो कविता  नज़र है उस पर चोरो की  सेंध लगाये बैठे तैयार  कॉपी पेस्ट को मन बेक़रार  लिखे कोई और, पढ़े कोई और … Read more “गीत ग़ज़ल हो या हो कविता – एम के पाण्डेय निल्को”

ज़िन्दगी है एक पहेली – एम के पाण्डेय निल्को

गांव में छोड़ आये वो बड़ी सी हवेली शहरो में ढूंढते है वो एक सहेली आराम या हराम से जिए जा रहे है पर कौन समझाए की… Read more “ज़िन्दगी है एक पहेली – एम के पाण्डेय निल्को”

रविवारीय ज्ञान द्वारा एम के पाण्डेय निल्को

आज रविवार है आलस्य से भरा यह दिन मेरे लिए बातों की खिचड़ी पकाता है,  रविवार का दिन मेरे लिए शेयर मार्केट जैसा होता है कुछ भी… Read more “रविवारीय ज्ञान द्वारा एम के पाण्डेय निल्को”

VMW Team का होली मिलन समारोह सम्पन्न

आज के इस भागमभाग भरी जिन्दगी में किसी के पास भी समय नहीं है लेकिन पुछो की क्या करते है तो उनका जवाब यही होता है की… Read more “VMW Team का होली मिलन समारोह सम्पन्न”

चेहरे की वो बात – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

चेहरे की वो बात अधूरी रह गई थी रात किनारे बैठे थे वे साथ डाले एक दूसरे मे हाथ कह रहे थे सुन रहे थे एक दूसरे… Read more “चेहरे की वो बात – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

Valentine Special – आग लगे इस वेलेंटाइन डे को

क्या रोज डे क्या प्रपोज डे क्या करे प्रॉमिस डे को किसे किस करे किस डे को जब गर्ल फ्रेंड ही नहीं हमारी तो आग लगे इस… Read more “Valentine Special – आग लगे इस वेलेंटाइन डे को”

हिन्दी भाषा मे हो रही मिलावट – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

     एम के पाण्डेय ‘निल्को’ हिन्दी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। हिन्दी अपने आप में एक समर्थ भाषा है। इस… Read more “हिन्दी भाषा मे हो रही मिलावट – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

लिखता हूँ बचपन की वो कहानी – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

बचपन की वो दुनिया पचपन की उम्र में भी नहीं भूलती क्योंकि जो की थी शरारते वो भी कुछ नहीं कहती ।।   न तो लोग बुरा… Read more “लिखता हूँ बचपन की वो कहानी – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

एम के पाण्डेय ‘निल्को’ की कविता – वो दूरिया बढ़ाते गए

वो दूरिया बढ़ाते गए और कुछ लोग यह देख कर मुस्कुराते गए इस ज़िंदगी के कशमकश में शायद ‘निल्को’ को वो भुलाते गए जब याद दिन वो… Read more “एम के पाण्डेय ‘निल्को’ की कविता – वो दूरिया बढ़ाते गए”