पइसा मिले त कंडक्टर गोला-बारूद पहुंचा दीहें…

                               सत्ताइस अक्टूबर 2010 क दिन रहल। गोरखपुर बस स्टैंड, देवरिया बस स्टैंड पर कुछ माल उतरल। माल मतलब मिलावट क सामान। माल के मालिक केहु ना।… Read more “पइसा मिले त कंडक्टर गोला-बारूद पहुंचा दीहें…”

खूब काटती चांदी यह तो हाथीवाली रानी है……….

खूब काटती चांदी यह तो हाथीवाली   रानी है………. मोटी चमड़ी , मोटी दमड़ी मोट नोट के माला ! उनकर  लोगवा  उन्हें पेन्हावल , दूसरा के काहे… Read more “खूब काटती चांदी यह तो हाथीवाली रानी है……….”