बात बात पर अवरोध क्यों की हम स्वतंत्र है – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

  बात-बात पर अवरोध,क्योकि हम स्वतंत्र हैं।  एम.के.पाण्डेय “निल्को”       नगर निगम ने कई दिनों से मोहल्लों का कचड़ा नहीं उठाया,लोगो ने रोड जाम कर दिया। गुस्सा… Read more “बात बात पर अवरोध क्यों की हम स्वतंत्र है – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

यह जरूरी तो नहीं…… – मधुलेश पाण्डेय ‘निल्को’

मधुलेश पाण्डेय ‘निल्को’ दोस्तो पिछली रचना (तुम्हें दुनिया में जन्नत नज़र आएगी)  को सम्माननीय डॉ. रूप चंद मयंक जी के द्वारा चर्चामंच पर चर्चा की गई ।… Read more “यह जरूरी तो नहीं…… – मधुलेश पाण्डेय ‘निल्को’”

तुम्हें दुनिया में जन्नत नज़र आएगी – मधुलेश पाण्डेय ‘निल्को’

आईने के सामने न आया करो जुल्फों को यू न सवारा करो अपनी ही नज़र न लगाया करो यू हंस – हंस कर न इशारा करो अपनी… Read more “तुम्हें दुनिया में जन्नत नज़र आएगी – मधुलेश पाण्डेय ‘निल्को’”