रातों के आईने को, मेरा सलाम करना

तेरे प्यार के महल में, वादे तमाम करना हो जाऊँ कैद उसमे ,कुछ इंतजाम करना धड़कन की हो दीवारें,साँसों की हो कतारेंसो जाऊं मैं सुकूँ से,दिले-एहतिमाम करना                                  … Read more “रातों के आईने को, मेरा सलाम करना”