पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धा ही सही मायने में श्राद्ध है – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

श्राद्ध का अर्थ है, श्रद्धा से जो कुछ दिया जाय (श्रद्धया दीयते यत् तत् श्राद्धम) शास्त्रों में मनुष्य के लिए कुल 3 ऋण बतलाए गए हैं- 1.… Read more “पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धा ही सही मायने में श्राद्ध है – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

…वो कहर बरसाती है – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

वह पायल नहीं पहनती पांव में बस एक काले धागे से कहर बरसाती हैउसकी यही अदा तो ‘निल्को’मुझे उसका दीवाना बनाती हैबहुत मजे से इठलाती है गूढ़ व्यंग की… Read more “…वो कहर बरसाती है – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

जौ के ठेकाने ना, सतुआने के तैयारी – भोजपुरी व्यंग्य -एन डी देहाती

14 अप्रेल 17 के सतुआन ह। अब लखनऊआ , दिल्लिहिया कहि दिहे सतुआन का होला। पुरबिहन से पूछ ल। सतुआन के पुरवर परिभाषा बता दीहें। सतुआ भी… Read more “जौ के ठेकाने ना, सतुआने के तैयारी – भोजपुरी व्यंग्य -एन डी देहाती”

यात्रा वर्णन द्वारा एम के पाण्डेय निल्को

घड़ी में करीब सुबह के सात बज रहे थे, डैडी को सिद्धेश उर्फ़ यश के स्कूल में मीटिंग में शामिल होने जाना था तभी उनकी नज़र बालकनी… Read more “यात्रा वर्णन द्वारा एम के पाण्डेय निल्को”

रोज़ी-रोटी का मसला सुलझे,कविता-कहानियां भी तभी सुहाती हैं

आज हमारी शिक्षा व्यवस्था साफ तौर पर दो भागों में बंटी हुई नजर आती है। एक आधुनिक शिक्षा प्रणाली है जिसके अंतर्गत रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम हैं एवं दूसरी… Read more “रोज़ी-रोटी का मसला सुलझे,कविता-कहानियां भी तभी सुहाती हैं”

सबसे पहले मतदान फिर करें और काम

आओ चलें मतदान करें, सबसे पहले मतदान, फिर करें और काम, आपका एक-एक वोट महत्वपूर्ण है,  मतदान अवश्य करें, मतदान प्रतिशत बढ़ाएं। सारे काम छोड़ दो सबसे… Read more “सबसे पहले मतदान फिर करें और काम”

कैंसर पीड़ितों की मदद के लिये हमारे साथ हाथ मिलाये

लिखने में भी हाथ कई बार काप जाते है , किस्मत के बारे में क्या कहे , यह बालक उम्र महज 13 साल बचपन में ही पिता… Read more “कैंसर पीड़ितों की मदद के लिये हमारे साथ हाथ मिलाये”

भारत और महाभारत

*दुर्योधन और राहुल गांधी* –                           दोनों ही अयोग्य होने पर भी सिर्फ राजपरिवार में पैदा होने के कारन शासन पर अपना अधिकार समझते हैं। *भीष्म और आडवाणी*… Read more “भारत और महाभारत”

सूखा लोगों द्वारा ही पैदा किया गया?

प्रकृति और प्राणी दोनों ही एक दूसरे के सहचर हैं। दोनों मे से किसी एक के भी द्वारा पैदा किए गए असन्तुलन से दोनों को ही अस्वाभाविक… Read more “सूखा लोगों द्वारा ही पैदा किया गया?”

खुले मंच पर देता हूँ चुनौती

हमारे मेसेज को पढ़कर के ग्रुप में आया एक तूफान कुछ लोगो के दिल मेंउठ गई एक उफानपलटकर दिया उन्होंने जवाबजैसे हड्डी बीच कवाबखुले मंच पर देता… Read more “खुले मंच पर देता हूँ चुनौती”

भगवान श्री कृष्ण के जीवन सी जुड़ी 24 अनसुनी बातें

1. भगवान श्री कृष्ण के खड्ग का नाम ‘नंदक’, गदा का नाम ‘कौमौदकी’ और शंख का नाम ‘पांचजन्य’ था जो गुलाबी रंग का था। 2. भगवान् श्री… Read more “भगवान श्री कृष्ण के जीवन सी जुड़ी 24 अनसुनी बातें”

ब्राह्मण है एक परंतु सरनेम अलग क्यों ?

मेरे एक मित्र ने मुझसे प्रश्न किया कि ब्राह्मणतो एक ही है परंतु कोई तिवारी है कोईदुबे है कोई शुक्ला पाठक चौबे आदि अलग – अलग नाम… Read more “ब्राह्मण है एक परंतु सरनेम अलग क्यों ?”

6 दिसम्बर शौर्य दिवस

नहीं चाहिए हिन्दुओं को ऐसी धर्मनिर्पेक्षता जो हिन्दुओं की आस्था से खिलवाड़ कर व हिन्दुओं का खून बहाकर फलती फूलती है । आज इसी वजह से जागरूक… Read more “6 दिसम्बर शौर्य दिवस”

आइये मनाये सार्थक दीपावली

पटाखो कि दुकान से दूर हाथों मे, कुछ सिक्के गिनते मैने उसे देखा… एक गरीब बच्चे कि आखों मे,मैने दिवाली को मरते देखा. थी चाह उसे भी… Read more “आइये मनाये सार्थक दीपावली”