प्रधानमंत्री के नाम, खुला पत्र

दिंनाक 27 सितम्बर 2014 सेवा मे,        माननीय प्रधानमंत्री महोदय,        भारत सरकार,        रायसिना हील,        नई दिल्ली। विषय- संयुक्त राष्ट्र् संघ को अपनी भाषा में… Read more “प्रधानमंत्री के नाम, खुला पत्र”

बात बात पर अवरोध क्यों की हम स्वतंत्र है – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

  बात-बात पर अवरोध,क्योकि हम स्वतंत्र हैं।  एम.के.पाण्डेय “निल्को”       नगर निगम ने कई दिनों से मोहल्लों का कचड़ा नहीं उठाया,लोगो ने रोड जाम कर दिया। गुस्सा… Read more “बात बात पर अवरोध क्यों की हम स्वतंत्र है – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

तुम्हें दुनिया में जन्नत नज़र आएगी – मधुलेश पाण्डेय ‘निल्को’

आईने के सामने न आया करो जुल्फों को यू न सवारा करो अपनी ही नज़र न लगाया करो यू हंस – हंस कर न इशारा करो अपनी… Read more “तुम्हें दुनिया में जन्नत नज़र आएगी – मधुलेश पाण्डेय ‘निल्को’”

भाइयो तुम्हारी याद आती है

दुनिया की हर ख़ुशी मेरे पास बहुत हैं.आज फिर भी मेरा दिल उदास बहुत हैं.कुछ भी कर लु अकेलापन जाता नहींजबकि मेरे आसपास मेरे खास बहुत हैं… Read more “भाइयो तुम्हारी याद आती है”

ठण्डा का मतलब सिर्फ कोका कोला नहीं होता

ठण्डा का मतलब सिर्फ कोका कोला नहीं होता (बचपन की एक कहानी, निल्को की कलम से …) बात बहुत पुरानी नहीं होती, कुछ बात छुपानी नहीं होती… Read more “ठण्डा का मतलब सिर्फ कोका कोला नहीं होता”

मेरी नई हेयर स्टाइल , जिस पर सबका है ध्यान

एम के पाण्डेय निल्को मेरे बाल अलग करने के चक्कर मे बना दिया बेमिशाल, सब पुछने लगे कैसे हुआ यह हाल ….? तो सुनो दोस्तो – यह… Read more “मेरी नई हेयर स्टाइल , जिस पर सबका है ध्यान”

लोकतन्त्र की दिवाली – एम के पाण्डेय निल्को

हम करेगे जब मतदान तब बचेगी लोकतन्त्र की शान नहीं गलेगी नेतावों की दाल जनता समझ चुकी है इन की चाल जो होगा सबसे लायक वही बनेगा… Read more “लोकतन्त्र की दिवाली – एम के पाण्डेय निल्को”

बापू तू क्यो सिर्फ RBI के नोटों पर दिख रहा ……..!

बापू तेरे देश मे यह क्या हो रहा …..? सिर्फ आरबीआई के नोटो पर तू क्यों दिख रहा ……? सरकारी विभागो मे भी अब तू दीवारों की… Read more “बापू तू क्यो सिर्फ RBI के नोटों पर दिख रहा ……..!”

देश को नया प्रधानमंत्री चाहिए

आज इस दौर मे आजादी के मायने बादल गए नेता-नागल और लोग बादल गए नीति बदली रीति बदली और बदला नजरिया गाँव तो गाँव और नगर भी… Read more “देश को नया प्रधानमंत्री चाहिए”

भावनाएं प्रदर्शित करने के लिए ही होती हैं

भावनाएं प्रदर्शित करने के लिए ही होती हैं इसलिए उन्हें छुपाना नहीं जाहिर करना चाहिए। बिना प्रयास करे हारने से कोशिश करके हारना बेहतर है क्योंकि खामोशी… Read more “भावनाएं प्रदर्शित करने के लिए ही होती हैं”

गाँव ! प्रकृति और मनुष्य की संगमस्थली!

नहीं समझ में आ रहा है बात शुरू कहाँ से करूँ? शीर्षक देने का भी मन नहीं हो रहा। मेरे गाँव का विडियो आप के लिए त्रिपुरेन्द्र… Read more “गाँव ! प्रकृति और मनुष्य की संगमस्थली!”

……बदल गया देखने का नज़रिया !

कई दिनों से किसी व्यक्ति विशेष पर रख रहा था नज़र लेकिन हरकते देख कर मन बोला लोग बदले, ज़माने बदले पर तुम न बदलो नज़रिया क्योकि… Read more “……बदल गया देखने का नज़रिया !”