Padmaavat Movie Review : इतनी विवादों के बाद आखिरकार पद्मावत रिलीज हो ही गई

रानी पद्मिनी की बहादुरी और राजपूतों की शौर्य को बयां करती फिल्म पद्मावती जिसको हाल में पद्मावत कर दिया गया है । संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित… Read more “Padmaavat Movie Review : इतनी विवादों के बाद आखिरकार पद्मावत रिलीज हो ही गई”

मन की बात – एम के पाण्डेय निल्को

हम में से ज्यादातर लोगों का कोई टाईम टेबल नहीं होता, जब मन किया पढने बैठ जाते हैं, जो मन किया किताब उठा लेते हैं और पढने… Read more “मन की बात – एम के पाण्डेय निल्को”

मैं सुबह का अख़बार नहीं होता

मंगलवार की सुबहजल्दी ही नीद खुलीलगा हुआ किसी मुद्दे पर सुबहऔर किसी को जीत मिलीरूप का रंग का बाजार नहीं होताभले कमज़ोर हूँपर लाचार नहीं होता निल्को… Read more “मैं सुबह का अख़बार नहीं होता”

कौन कहता है भारत भूखा मर रहा है?

लड़कियाँ भाव खा रही हैँ   लड़के धोखा खा रहे हैँ  पुलिस रिश्वत खा रही है   नेता माल खा रहे हैँ  किसान जहर खा रहे हैँ  जवान गोली… Read more “कौन कहता है भारत भूखा मर रहा है?”

जय हो मंगलमय हो ।

“प्रभु “कहते” “है” “होती” “आरती”, “बजते “शंख”                                 .     “पूजा” “में” “सब” “खोए” “है”❗ “मंदिर” “के” “बाहर” “तो” “देखो”,           “भूखे” “बच्चे ” “सोए” “है “❗ “एक” “निवाला”… Read more “जय हो मंगलमय हो ।”

गीत ग़ज़ल हो या हो कविता – एम के पाण्डेय निल्को

गीत ग़ज़ल हो या हो कविता  नज़र है उस पर चोरो की  सेंध लगाये बैठे तैयार  कॉपी पेस्ट को मन बेक़रार  लिखे कोई और, पढ़े कोई और … Read more “गीत ग़ज़ल हो या हो कविता – एम के पाण्डेय निल्को”

ज़िन्दगी है एक पहेली – एम के पाण्डेय निल्को

गांव में छोड़ आये वो बड़ी सी हवेली शहरो में ढूंढते है वो एक सहेली आराम या हराम से जिए जा रहे है पर कौन समझाए की… Read more “ज़िन्दगी है एक पहेली – एम के पाण्डेय निल्को”

मनन है अभी छोटा बच्चा – एम के पाण्डेय निल्को

तस्वीर में दिख रहे ये दो चेहरे अपनी कला से जाने जाते है। मनन सूद अपने दिमागी कौशल से लोहा मनवा रहे है तो वही इनके दादा… Read more “मनन है अभी छोटा बच्चा – एम के पाण्डेय निल्को”

सोच रहा हूँ कोई कविता गाऊँ – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

समय पर जब यह समय मिला  उनके लिए ही यह गीत बुना मुलाकात जब उनसे हुई  मानो बंजारे को घर मिला देखा उनको जब आज के दिन… Read more “सोच रहा हूँ कोई कविता गाऊँ – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

चेहरे की वो बात – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

चेहरे की वो बात अधूरी रह गई थी रात किनारे बैठे थे वे साथ डाले एक दूसरे मे हाथ कह रहे थे सुन रहे थे एक दूसरे… Read more “चेहरे की वो बात – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

लिखता हूँ बचपन की वो कहानी – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

बचपन की वो दुनिया पचपन की उम्र में भी नहीं भूलती क्योंकि जो की थी शरारते वो भी कुछ नहीं कहती ।।   न तो लोग बुरा… Read more “लिखता हूँ बचपन की वो कहानी – एम के पाण्डेय ‘निल्को’”

सोच रहा हूँ लिखू रानीखेत एक्सप्रेस की कहानी

दोस्तों अभी ट्रेन में सफ़र कर रहूँ और मन बेचैन हो रहा है । मुक्तक लिखने की सोचा तो विषय से भटक गया और मुक्तक की जगह… Read more “सोच रहा हूँ लिखू रानीखेत एक्सप्रेस की कहानी”

एम के पाण्डेय ‘निल्को’ की कविता – वो दूरिया बढ़ाते गए

वो दूरिया बढ़ाते गए और कुछ लोग यह देख कर मुस्कुराते गए इस ज़िंदगी के कशमकश में शायद ‘निल्को’ को वो भुलाते गए जब याद दिन वो… Read more “एम के पाण्डेय ‘निल्को’ की कविता – वो दूरिया बढ़ाते गए”

अपना परिचय ठीक से नहीं करा पाता

एम के पाण्डेय ‘निल्को’   कुछ मेरे मित्र मेरे परिचय के बारे में ज्रिक कर रहे थे , उनकी शिकायत थी की कभी मैंने अपना परिचय ठीक से… Read more “अपना परिचय ठीक से नहीं करा पाता”