ये जरुरी तो नहीं – अनुज शुक्ल

ये जरुरी तो नहीं……..ख्वाबों में तेरा दीदार करु,मैं टूटकर तुझसे प्यार करु,पर तु भी मुझसे प्यार करेंये जरुरी तो नहीं…….. माना तुम्हारे हजारों दिवाने है जमाने में,पर… Read more “ये जरुरी तो नहीं – अनुज शुक्ल”

आज लिखने को कुछ नहीं – एम के पाण्डेय निल्को

सुना है तुम्हारे चाहने वाले बहुत हैं ये मोहब्बत की मिठाई सब में बांट देती हो क्या कई गिर चुके हैं तुम्हारे इश्क के मंजर में अंखियों… Read more “आज लिखने को कुछ नहीं – एम के पाण्डेय निल्को”

क्या रामायण का उत्तर कांड प्रक्षिप्त है….??

क्या राम ने सीता का त्याग किया था?शुद्र तपस्वी शम्बुक वध क्यों??प्रभु श्री राम के सन्दर्भ में कुछ भ्रांतियां अर्थात गलत बाते फैलाई गयी हैं उनका तार्किक… Read more “क्या रामायण का उत्तर कांड प्रक्षिप्त है….??”

पराया हमें वो बताने लगे हैं

इशारे से सब कुछ जताने लगे हैंमुझे अपना अब वो बनाने लगे हैं। उठाया है मैने जिन्हें ज़िन्दगी भर,वही आज मुझको गिराने लगे हैं। बताते थे ख़ुद… Read more “पराया हमें वो बताने लगे हैं”

चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया

दिल हमारा जब तुम्हारी चाहतों से भर गया ।चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया ।। तेरी यादों में मेरे दिन रात कटते थे मगर।मेरी नजरों… Read more “चांद अपनी चांदनी की रंगतों से डर गया”

कोरोना पर कुछ दोहे द्वारा सरिता कोहिनूर

कोरोना की फैलती,बीमारी घर द्वार।महमारी भारी हुई,कहता अब संसार।। काल भंयकर आ गया,भज लो प्रभू का नाम।कोरोना का हो गया,विश्व बड़ा अब धाम।। छूने से यह फैलता,खाँसी… Read more “कोरोना पर कुछ दोहे द्वारा सरिता कोहिनूर”

यह दुनिया दीवानों की है

सरल धुनों पर तानों की हैभजनों,गीतों, गानों की हैरे मन! तू दीवाना बन जायह दुनिया दीवानों की है बालकपन में हर बालक कामनोभाव सच्चा लगता हैद्वेष- झूठ… Read more “यह दुनिया दीवानों की है”

फुलवाम शहीदों को नमन –अपना वतन चाहिए

न सोहरत न दौलत मुझे अपना वतन चाहिए |फलता फूलता और मुझे खिलता चमन चाहिए |न हो दुश्मन कोई न हो अड़चन कोई |मर सकूँ मै वास्ते… Read more “फुलवाम शहीदों को नमन –अपना वतन चाहिए”

Propose Day – हमको तुमसे प्यार बहुत है

एक तुम्हारा होना पूरे घर को पावन कर देता हैमन मथुरा काशी बसती है दिल को मधुवन कर देता हैतेरी छुवन से रोम रोम भी जैसे संदल… Read more “Propose Day – हमको तुमसे प्यार बहुत है”

तेरी सोच से बहुत दुर निकल चुँका हूँ

की मैं अब तेरी सोच से बहुत दुर निकल चुँका हूँकी तू बदला था जिस तरह मैं भी बदल चुँका हूँ की तू अब मुझे शिकस्त देने… Read more “तेरी सोच से बहुत दुर निकल चुँका हूँ”

हमारा देश हमारा परिवार

नजरें छुपा-छुपा करतुम जा कहाँ रहे होये देश है हमाराक्यूँ इसे ठुकरा रहे हो। बन के तू आतंकीपुरानी सीरत गवा रहे होअपने गोलियों के धुन सेक्यूँ इसको… Read more “हमारा देश हमारा परिवार”

यशवंती जिसे तानाजी में भुला दिया गया

कोंडाणा के किले में चढ़ने के लिए तानाजी ने यशवंती नामक गोह प्रजाति की छिपकली का प्रयोग किया था जिसको फ़िल्म में नही दिखाया गयावर्णन है, चढ़ाई… Read more “यशवंती जिसे तानाजी में भुला दिया गया”